Aagoshesitam mein hi chupa le koi

Aagoshesitam mein hi chupa le koi...

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Aagosh-e-sitam mein hi chupa le koi,
Tanha hu tadpne se bacha le koi,
Sukhi hain badi der se palko ki zuban,
Bas aaj to ji bhar ke rula le koi..

More from Ashish Mahajan

मर कर तमन्ना जीने जी किसे नही होती

मर कर तमन्ना जीने जी किसे नही होती
रो के खुश होने की तमन्ना किसे नही होती
कह तो दिया के जी लेगे अपनो के बगैर
पर अपनो की तमन्ना किसे नही होती!

उनकी आँखो से काश कोई इशारा तो होता

उनकी आँखो से काश कोई इशारा तो होता,
कुछ मेरे जीने का सहारा तो होता,
तोड़ देते हम हर रस्म ज़माने की,
एक बार ही सही उसने पुकारा तो होता

एक जाम उलफत के नाम

एक जाम उलफत के नाम,
एक जाम मोहबत के नाम,
एक जाम वफ़ा के नाम,
पूरी बोतल बेवफा के नाम,
और पूरा ठेका दोस्तों के नाम.

सारा कसूर तेरे बालो से टपकती इन बूंदों का है,
जिसने मेरे ख्वाबों को दरिया बनाये रखा है..!!

आँखों में नमी थी और विटामिन सी की कमी थी वा वा

आँखों में नमी थी और विटामिन सी की कमी थी, वा वा!
आँखों में नमी थी और विटामिन सी की कमी थी,
जिससे सारी रात चाटिंग की,
वो गर्लफ्रेंड की मम्मी थी!

वो थी, वो हे, और वो ही हमेशा रहेगी, जब दिल एक हे तो,‪
‎दिल में रहेने वाली भी तो एक ही होगी‬!