Dua Shayari

सच्चे दिल से तुझ से की गई
हर गुफ़्तुगू ऐ ख़ुदा, रुलाती है,
शायद इसलिए ही ये दुनिया
उस गुफ़्तुगू को दुआ बुलाती है

- अजय दत्ता

लौट आती है हर बार मेरी दुआ खाली

लौट आती है हर बार मेरी दुआ खाली,
जाने कितनी ऊँचाई पर खुदा रहता है।

तेरी हर अदा पे जान फिदा मेरी

तेरी हर अदा पे जान फिदा मेरी,
तू मुझको मिल जाए बस यही दुआ है मेरी,
तेरे बिना मेरी हर खुशी अधूरी,
तू जो मिल जाए तो मेरी हर दुआ पूरी.

तमन्ना करते हो जिन खुशियों की

तमन्ना करते हो जिन खुशियों की,
दुआ है वह खुशिया आपके कदमो मे हो,
खुदा आपको वह सब हक़ीक़त मे दे,
जो कुछ आपके सपनो में हो..

पानी से प्यास ना बुझी

पानी से प्यास ना बुझी
तो मैखाने की तरफ चल निकला
सोचा शिकायत करूँ तेरी खुदा से
पर खुदा भी तेरा आशिक़ निकला…

किस से सीखू मैं खुदा की बंदगी

किस से सीखू मैं खुदा की बंदगी,
सब लोग खुदा के बँटवारे किए बैठे है,
जो लोग कहते है खुदा कण कण में है,
वही मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारे लिए बैठे हैं..!!